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TCS छंटनी पर छिड़ गई नई कंट्रोवर्सी: कंपनी बोली 6 हजार निकाले, लेकिन रिपोर्ट में कम दिखे 19,755 कर्मचारी

देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इन दिनों विवादों के घेरे में है। कंपनी की ताज़ा रिपोर्ट जारी होते ही छंटनी के आंकड़ों को लेकर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। TCS का दावा है कि उसने पिछले वित्त वर्ष में लगभग 6,000 कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि आधिकारिक रिपोर्ट में दिखाया गया है कि कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या में 19,755 की कमी आई है। दोनों आंकड़ों में भारी अंतर ने इस मामले को और पेचीदा बना दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2024 तक कंपनी के पास कुल 6,01,546 कर्मचारी थे, जबकि मार्च 2025 में यह घटकर 5,81,791 रह गए। यानी, कंपनी ने एक साल में लगभग 20 हजार कर्मचारियों को खो दिया। अब सवाल उठ रहा है कि अगर केवल 6,000 लोगों को निकाला गया, तो बाकी 13,000 से ज्यादा कर्मचारी कहाँ गए?

कंपनी का तर्क है कि बाकी कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा देने वाले, अनुबंध खत्म होने वाले या विदेश प्रोजेक्ट्स से लौटे अस्थायी कर्मचारी थे। वहीं, इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़ा आईटी सेक्टर की मौजूदा चुनौतियों को छिपाने की कोशिश हो सकती है।

TCS के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बयान जारी कर कहा, “हमने किसी तरह की बड़े पैमाने पर छंटनी नहीं की है। यह सिर्फ प्रोजेक्ट्स के रोटेशन और नेचुरल एट्रिशन (कर्मचारियों के स्वेच्छा से छोड़ने) का परिणाम है।” लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने कॉस्ट कटिंग और परफॉर्मेंस-आधारित छंटनी को लेकर पिछले कुछ महीनों से सख्ती बढ़ा दी है।

उधर, आईटी इंडस्ट्री में इस विवाद को लेकर बहस छिड़ गई है। विश्लेषक कहते हैं कि महामारी के बाद आईटी सेक्टर में जो तेजी आई थी, अब वह धीरे-धीरे ठंडी पड़ रही है। प्रोजेक्ट्स में देरी, क्लाइंट बजट में कटौती और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनियों को कर्मचारी संख्या घटाने पर मजबूर किया है।

कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि कंपनियां अब “छंटनी” शब्द से बचने के लिए एट्रिशन और रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, ताकि बाजार में नकारात्मक असर न पड़े।

फिलहाल, TCS ने किसी तरह की “अनैतिक छंटनी” से इनकार किया है। लेकिन आंकड़ों में अंतर ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भारतीय आईटी सेक्टर की चमकदार तस्वीर के पीछे रोज़गार संकट गहराता जा रहा है? आने वाले महीनों में कंपनी की अगली तिमाही रिपोर्ट इस विवाद पर और रोशनी डाल सकती है। by shruti kumari

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