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बंगाल चुनाव: स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षा को लेकर घमासान, TMC ने EC को लिखा पत्र, BJP ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल में मतगणना से ठीक पहले सियासी माहौल गरम हो गया है। मतपेटियों को रखने वाले सुरक्षित कक्ष और मतगणना की तैयारी को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। दोनों पार्टियां चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा रही हैं।

तृणमूल कांग्रेस का आरोप: नियमों का पालन नहीं हुआ
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (Election Commission of India) को पत्र लिखकर गंभीर शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 30 अप्रैल 2026 को खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित सुरक्षित कक्ष में डाक मतपत्रों की छंटनी की गई।
उनका आरोप है कि यह काम उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बिना किया गया। साथ ही इसकी कोई पहले से सूचना भी नहीं दी गई। यह चुनाव आयोग की नियम पुस्तिका के नियम 11.21.6 और 11.21.7 का उल्लंघन है जिसमें साफ लिखा है कि डाक मतपत्रों से जुड़ा काम उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही होना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि इस घटना का प्रमाण देने के लिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। साथ ही बताया कि राज्य के दूसरे केंद्रों से भी ऐसी शिकायतें आ रही हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि उम्मीदवारों के अधिकृत प्रतिनिधियों को सुरक्षित कक्ष और सीसीटीवी फुटेज तक बिना किसी रुकावट के पहुंच दी जाए।

भाजपा ने भी उठाए गंभीर सवाल
वहीं, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने मतगणना प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों की तैनाती पर चिंता जताई है। कहा कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना के लिए अस्थायी और संविदा कर्मचारी लगाए गए हैं। सवाल उठाया है कि क्या ऐसे कर्मचारियों को इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन, मतदाता सत्यापन पर्ची मशीन और डाक मतपत्र जैसे संवेदनशील काम सौंपना सही है?

उनका कहना है कि ऐसे कर्मचारी राजनीतिक दबाव में आ सकते हैं और उनके पास उतनी जवाबदेही नहीं होती है जितनी इस तरह के महत्वपूर्ण काम के लिए जरूरी है।
चुनाव आयोग ने बढ़ाई निगरानी
इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि मतगणना पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी। आयोग ने 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए हैं ताकि मतगणना के दौरान सुरक्षा बनी रहे और किसी तरह की गड़बड़ी न हो। चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराई जाएगी।

4 मई को आएंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है। कुछ जगहों पर दोबारा मतदान भी कराया गया था। अब 4 मई को मतगणना होगी।

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