
नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत और प्रशासन दोनों सक्रिय हो गए हैं। इस बीच Yogi Adityanath ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि यह प्रदर्शन केवल वेतन बढ़ाने का मुद्दा नहीं है, बल्कि इसके पीछे “बड़ी साजिश” हो सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में अशांति फैलाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ “विघटनकारी तत्व” मजदूरों के असंतोष का फायदा उठाकर राज्य के विकास को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को सतर्क रहने और ऐसे तत्वों की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों, खासकर फेज-2 और सेक्टर 60 के आसपास, पिछले कुछ दिनों से मजदूर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जहां कई जगहों पर पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति मजदूरों की मांगों, कंपनियों की नीतियों और हिंसा के कारणों की जांच करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कहीं इस आंदोलन को भड़काने में बाहरी या असामाजिक तत्वों की भूमिका तो नहीं है।

मुख्यमंत्री ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन कुछ ताकतें इसे फिर से जीवित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हाल के कुछ प्रदर्शनों में भ्रामक और उकसाने वाले तत्वों के शामिल होने की आशंका है, जो कानून-व्यवस्था को बिगाड़ना चाहते हैं। वहीं, विपक्ष ने सरकार के इस बयान पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि मजदूरों की समस्याओं को साजिश बताकर असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है। विपक्ष का कहना है कि महंगाई, कम वेतन और खराब कामकाजी परिस्थितियां ही मजदूरों के गुस्से की असली वजह हैं। फिलहाल प्रशासन हालात को नियंत्रित करने में जुटा हुआ है और मजदूरों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। सरकार का कहना है कि मजदूरों के हितों की रक्षा उसकी प्राथमिकता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।