
क्राइम रिपोर्ट | अन्नू दिवाकर
कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। रविवार तड़के एक पिता ने अपनी ही 11 साल की जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
घटना नौबस्ता थाना क्षेत्र के किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है, जहां 45 वर्षीय शशि रंजन मिश्रा अपनी पत्नी रेशमा छेत्री और तीन बच्चों के साथ रहते थे। रविवार सुबह करीब 4:30 बजे आरोपी ने खुद ही पुलिस को कॉल कर बताया कि उसने अपनी बेटियों की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद था। घंटी बजाने पर पत्नी ने दरवाजा खोला, जो पुलिस को देखकर घबरा गई।
जब पुलिस ने उसे फोन कॉल की जानकारी दी, तो वह घबराते हुए कमरे की ओर दौड़ी। वहां का दृश्य बेहद भयावह था—दोनों मासूम बेटियां रिद्धी और सिद्धी खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं, और आरोपी पिता उनके पास बैठा हुआ था। कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ था और पास ही एक चाकू पड़ा मिला। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था और दवाओं की अच्छी जानकारी रखता था। फॉरेंसिक टीम को शक है कि हत्या से पहले बच्चियों को नशीला पदार्थ दिया गया हो, क्योंकि उन्होंने किसी तरह की चीख-पुकार नहीं की। घटना के बाद मां रेशमा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने गुस्से और दर्द में कहा कि उनके पति को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए।
रेशमा ने बताया कि उनकी शादी 2014 में लव मैरिज के रूप में हुई थी। शुरू में सब ठीक था, लेकिन कुछ सालों बाद पति का व्यवहार बदलने लगा। वह शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था और पत्नी के चरित्र पर शक करता था। घर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे और पत्नी की हर गतिविधि पर नजर रखता था।

बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उसकी मां की मौत के बाद वह डिप्रेशन में चला गया था और अक्सर कहता था कि वह अपनी बेटियों को साथ लेकर मरना चाहता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मानसिक बीमारी या पारिवारिक विवाद का नतीजा तो नहीं।
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि आखिर एक पिता ने अपनी ही बेटियों की हत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जागरूकता पर भी गंभीर चिंतन की मांग करती है।
कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। रविवार तड़के एक पिता ने अपनी ही 11 साल की जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
घटना नौबस्ता थाना क्षेत्र के किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है, जहां 45 वर्षीय शशि रंजन मिश्रा अपनी पत्नी रेशमा छेत्री और तीन बच्चों के साथ रहते थे। रविवार सुबह करीब 4:30 बजे आरोपी ने खुद ही पुलिस को कॉल कर बताया कि उसने अपनी बेटियों की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घर का दरवाजा अंदर से बंद था। घंटी बजाने पर पत्नी ने दरवाजा खोला, जो पुलिस को देखकर घबरा गई।
जब पुलिस ने उसे फोन कॉल की जानकारी दी, तो वह घबराते हुए कमरे की ओर दौड़ी। वहां का दृश्य बेहद भयावह था—दोनों मासूम बेटियां रिद्धी और सिद्धी खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थीं, और आरोपी पिता उनके पास बैठा हुआ था। कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ था और पास ही एक चाकू पड़ा मिला। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था और दवाओं की अच्छी जानकारी रखता था। फॉरेंसिक टीम को शक है कि हत्या से पहले बच्चियों को नशीला पदार्थ दिया गया हो, क्योंकि उन्होंने किसी तरह की चीख-पुकार नहीं की। घटना के बाद मां रेशमा का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने गुस्से और दर्द में कहा कि उनके पति को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए।
रेशमा ने बताया कि उनकी शादी 2014 में लव मैरिज के रूप में हुई थी। शुरू में सब ठीक था, लेकिन कुछ सालों बाद पति का व्यवहार बदलने लगा। वह शराब के नशे में अक्सर मारपीट करता था और पत्नी के चरित्र पर शक करता था। घर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे और पत्नी की हर गतिविधि पर नजर रखता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में था। उसकी मां की मौत के बाद वह डिप्रेशन में चला गया था और अक्सर कहता था कि वह अपनी बेटियों को साथ लेकर मरना चाहता है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह मानसिक बीमारी या पारिवारिक विवाद का नतीजा तो नहीं।
हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि आखिर एक पिता ने अपनी ही बेटियों की हत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक जागरूकता पर भी गंभीर चिंतन की मांग करती है।
