
ब्यूरो रिपोर्ट : सिटीजन बी अलर्ट
10 मई 2026 को, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच, उन्होंने देशवासियों से 7 प्रमुख अपीलें कीं, जो आत्मनिर्भरता और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर केंद्रित हैं।
मोदी जी की प्रमुख 7 अपीलें (मई 2026):
वर्क फ्रॉम होम: ईंधन की खपत और यातायात को कम करने के लिए, जहां भी संभव हो, कंपनियों और कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
सोने की खरीदारी कम करें: नागरिकों से एक वर्ष के लिए सोने की खरीदारी को कम करने की अपील की।
पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी: ईंधन की मांग को कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो रेल सेवाओं, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने की सलाह दी।
खाना पकाने के तेल का कम उपयोग: खाना पकाने के तेल (Edible oil) का अनावश्यक उपयोग कम करने का आग्रह किया, क्योंकि इसका आयात आयात बिल को बहुत प्रभावित करता है।
प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें: किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और आयात लागत को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती के तरीकों को अपनाने के लिए कहा।

स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं: नागरिकों से विदेशी ब्रांडों के उत्पादों का उपयोग कम करने और घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए भारतीय निर्मित वस्तुओं का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विदेशी यात्रा से बचें: देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए एक वर्ष तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचने का आग्रह किया।
राजनीति और प्रभाव:
जन-भागीदारी (Mass Participation): मोदी जी अक्सर सीधे जनता से संवाद कर (जैसे ‘मन की बात’ के माध्यम से) राष्ट्रीय संकट या विकास के मुद्दों पर सहयोग मांगते हैं, जिसे “क्वाइट पेट्रियोटिज्म” (Silent Patriotism) कहा जा रहा है।
राष्ट्र प्रथम (Nation First): इन अपीलों का उद्देश्य आर्थिक चुनौतियों के बीच राष्ट्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और नागरिकों को एक साथ लाना है।
विपक्ष और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया: जबकि समर्थक इन कदमों को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सही कदम बताते हैं, विपक्ष ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। 11 मई 2026 को राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने इन अपीलों पर अपनी राय व्यक्त की, जो देश के आर्थिक मोर्चे पर राजनीति को और हवा देती है।
आर्थिक सुरक्षा: इन उपायों का उद्देश्य आयातित ईंधन पर भारत की निर्भरता को कम करना और वैश्विक व्यवधानों से अर्थव्यवस्था को बचाना है।
नरेंद्र मोदी की राजनीति का यह हिस्सा उन्हें जनता के साथ सीधा संबंध बनाने और संकट के समय में एक मज़बूत नेता के रूप में पेश करने में मदद करता है।
