
राइटर- राहुल कुमार शुक्ला
दिल्ली के गोल चक्कर–गोल मार्केट क्षेत्र में इन दिनों सड़क सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। यहां चल रहे सरकारी कार्यों के कारण आवागमन का रास्ता सीमित हो गया है। हालांकि सड़कें दो हैं और वन-वे व्यवस्था लागू है, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है। नियमों की अनदेखी और अव्यवस्थित यातायात के कारण दुर्घटनाएँ आम बात हो गई हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, पेट्रोल पंप से गाड़ी में ईंधन भरवाकर कई वाहन चालक तेज गति से सड़क पर निकलते हैं, जिससे अन्य वाहनों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इस लापरवाही का परिणाम कई बार गंभीर दुर्घटनाओं के रूप में सामने आता है। एक पीड़ित ने बताया कि उनका खुद का एक बड़ा एक्सिडेंट हो चुका है, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं और मामला आज भी अदालत में लंबित है। यह दुर्घटना उस समय की है जब यहां निर्माण कार्य भी नहीं चल रहा था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या नई नहीं बल्कि पुरानी है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि यहां की ट्रैफिक लाइटें अक्सर काम नहीं करतीं या फिर अनियमित रूप से चलती हैं। जब रेड लाइट बंद होती है, तो वाहन चालक बिना रुके तेज गति से निकलते हैं, जिससे टक्कर की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा, ऑटो रिक्शा और बैटरी रिक्शा चालक नियमों की अनदेखी करते हुए रॉन्ग साइड से चलते हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति और गंभीर हो जाती है। स्कूलों की छुट्टी के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। भारी ट्रैफिक जाम के बीच छोटे-बड़े एक्सिडेंट होना आम बात है। हाल ही में मात्र 20 मिनट के अंदर चार छोटे हादसे होने की घटना सामने आई, जो इस क्षेत्र की बिगड़ती व्यवस्था को दर्शाती है। अभी हाल पिलहल एक गाड़ी का दूसरी गाड़ी के साथ दुघर्टन हुई अगर आप गाड़ी के हालत देखेंगे तो आपको पता चलेगा गाड़ी कितनी स्पीड में थी अगर उसके सामने कोई इंसान आता तो जान का नुकसान हो जाता मेरे पास प्रमाण है।

इसके अतिरिक्त, आर के आश्रम से सवारियां उठाने वाले बैटरी रिक्शा भी वन-वे नियमों का उल्लंघन करते हुए बीच सड़क पर आ जाते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है। इन सभी समस्याओं के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठाया जाता नजर नहीं आता। अब समय आ गया है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से ले और तत्काल प्रभाव से ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करे। रेड लाइटों को सुचारू रूप से चलाया जाए, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और अवैध तरीके से चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही सुधार नहीं किया गया, तो यह क्षेत्र और भी बड़े हादसों का केंद्र बन सकता है।