
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
कानपुर। नवाबगंज थानाक्षेत्र के बनियापुरवा में नौटंकी के दौरान पुलिस पर जानलेवा हमला करने के तीसरे दिन गांव के कई आरोपी चिह्नित कर लिए गए हैं। इसके बाद से वह लोग मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कई साल पहले दो बार काली माता मंदिर प्रांगण में आयोजित नौटंकी में बवाल हो चुका है। इसके बाद भी पुलिस सजग नहीं थी और दौड़ा-दौड़ाकर पीटी गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता अज्ञात में आरोपियों के नाम सामने लाने से बचाने के लिए जुगत भिड़ा रहे हैं।
बनियापुरवा में शनिवार देर रात करीब 12 बजे नौटंकी कार्यक्रम में युवतियों के डांस के दौरान नशे में धुत युवकों के मंच पर चढ़ने से पुलिस के रोकने पर आरोपियों ने अभद्रता करते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिसकर्मियो को दौ़ड़ा-दौड़ाकर पीटा था। झांसी में 32वीं वाहिनी पीएसी में तैनात सिपाही अमर सिंह पर कुल्हाड़ी, ईंट पत्थर से अधमरा कर दिया था। हैलट में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस दुस्साहसिक घटना में तीन नामजद आरोपियों को जेल भेजने के बाद अन्य 12 अज्ञात में वीडियो और फोटो से कई आरोपियों को चिन्हित किया है। इसके चलते नौटंकी में शामिल आरोपी अपने-अपने मोबाइल बंद कर घर से फरार हैं। सादी वर्दी में पुलिसकर्मी ऑपरेशन चला रही है। सोमवार को पुलिस की अलग-अलग चार टीमों ने भोपालपुरवा, गिल्लीपुरवा, चंदीपुरवा, दुर्गापुरवा, मक्कापुरवा, लक्ष्मनपुरवा और कटरी में दबिश दी लेकिन पुलिस के हाथ कोई नहीं आया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस-जिस ने पुलिस पर हमला किया और अज्ञात में है वह लोग नाम सामने न आए इसलिए बचने के लिए एक जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता के संपर्क में आए हैं। कुल मिलाकर गांव में अभी भी तीसरे दिन भी दहशत का माहौल रहा। नवाबगंज इंस्पेक्टर राजेकसर ने बताया कि आरोपियों की चिन्हित किए गए है। कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द से जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
गांव के कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जमाने से नौटंकी की परंपरा चलती आ रही है। जिसमें युवतियां डांस करती हैं। कईयों साल पहले दो बार कार्यक्रम में बवाल हो चुका है लेकिन कभी पुलिस पर हमला करने की कोई हिमाकत नहीं कर सका। यह भी बताया कि परमीशन हरिश्चंद्र नाट्य मंचन, लोक कला, मेला और पूजा के नाम से ली जाती है। लेकिन देर रात युवतियों का डांस होता है जिसे पुलिस नजरअंदाज करती है।