
क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर
कानपुर,चकेरी थाना क्षेत्र में एक गुमशुदा युवक की तलाश ने जब हत्या की गुत्थी का रूप लिया, तो पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया। महज पैसों के लालच में दोस्तों ने ही युवक को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अभी फरार हैं।
17 अप्रैल 2026 को विष्णुचंद्र त्रिवेदी ने अपने 37 वर्षीय बेटे अंकित त्रिवेदी के लापता होने की सूचना चकेरी थाने में दी थी। अंकित बाराबंकी के सिधौरा ब्लॉक स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वार्ड बॉय के पद पर कार्यरत थे। 16 अप्रैल की शाम ड्यूटी से लौटते वक्त वह अचानक गायब हो गए। उनका मोबाइल बंद मिला और कोई सुराग नहीं मिल रहा था। कुछ समय बाद उनकी स्विफ्ट डिजायर कार फतेहपुर जिले के हथगांव क्षेत्र में लावारिस हालत में बरामद हुई, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।
साजिश का जाल: दोस्त ही निकले कातिल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अंकित के बैंक खाते में पैसे होने की जानकारी उसके परिचितों को थी। इसी लालच में सत्यम मिश्रा ने अपने साथियों के साथ मिलकर साजिश रची। रेहान के जरिए अंकित को फोन कर शादी में जाने का झांसा दिया गया। अंकित अपनी कार से उन्हें लेने पहुंचा और सभी साथ निकल पड़े।

सुनसान जगह पर रुकवाकर की हत्या
फतेहपुर के हथगांव क्षेत्र में सुनसान स्थान पर आरोपियों ने पानी पीने और पेशाब करने का बहाना बनाकर कार रुकवाई। इसी दौरान अंकित का मोबाइल छीनने की कोशिश की गई। विरोध करने पर आरोपियों ने मिलकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।
गंगा में फेंका शव, मिटाए सबूत
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार की पिछली सीट पर रखा और सुल्तानपुर के पास गंगा नदी में फेंक दिया। मोबाइल भी नदी में डाल दिया गया ताकि कोई सुराग न बचे। इसके बाद कार को पेट्रोल खत्म होने पर गांव में छोड़ दिया गया और आरोपी खागा स्टेशन से ट्रेन पकड़कर भाग निकले।
तीन गिरफ्तार, दो अभी फरार
सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रेहान, शादाब और अल्तमस अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में तीनों ने जुर्म कबूल कर लिया। वहीं, मुख्य आरोपी सत्यम मिश्रा और अफसाना अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।