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वर्दी में ‘सिंघम’ बने दरोगा की रील वायरल, कानपुर पुलिस की जांच तेज क्या होगी कार्रवाई?

क्राइम रिपोर्ट :अन्नू दिवाकर

कानपुर में एक दरोगा की ‘सिंघम स्टाइल’ रील ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। खाकी वर्दी में फिल्मी अंदाज में बनाया गया यह वीडियो तेजी से वायरल होते ही पुलिस महकमे में हलचल बढ़ गई है। मामला फीलखाना थाना क्षेत्र की पटकापुर चौकी से जुड़ा है, जहां तैनात दरोगा की यह रील चर्चा का विषय बन गई है। अब विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, वायरल वीडियो की पुष्टि सिटीजन बी अलर्ट नहीं करता है।


वायरल वीडियो में दिखा फिल्मी अंदाज
सोशल मीडिया पर वायरल 22 सेकंड के वीडियो में दरोगा वर्दी में नजर आ रहे हैं। बैकग्राउंड में सिंघम फिल्मी म्यूजिक बज रहा है और वे कार से उतरकर स्लो मोशन में चलते दिखाई देते हैं। चश्मा लगाकर कॉलर ठीक करने का उनका अंदाज बिल्कुल बॉलीवुड फिल्म ‘सिंघम’ जैसा है। यही वजह है कि यूजर्स इस वीडियो को ‘रियल लाइफ सिंघम’ कहकर शेयर कर रहे हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो को अब तक 5 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।


नियमों की अनदेखी पर सख्ती
यूपी पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी में सोशल मीडिया पर रील या वीडियो पोस्ट नहीं करेगा। वर्दी को अनुशासन, जिम्मेदारी और सेवा का प्रतीक माना जाता है। बावजूद इसके, पिछले एक साल में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के वीडियो से पुलिस की छवि प्रभावित होती है और अनुशासन पर सवाल उठते हैं।

जांच में क्या-क्या देखा जाएगा?
फीलखाना थाना प्रभारी के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में तीन अहम बिंदुओं पर फोकस किया जा रहा है—वीडियो कब बनाया गया, क्या यह ड्यूटी के दौरान शूट हुआ, और क्या इससे पुलिस मैनुअल का उल्लंघन हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक वीडियो 3-4 महीने पुराना बताया जा रहा है। एसीपी कर्नलगंज ने 48 घंटे में रिपोर्ट तलब की है और कहा है कि दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दो धड़े बन गए हैं। एक तरफ कुछ यूजर्स इसे अनुशासनहीनता बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वर्दी कोई मजाक नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग दरोगा के समर्थन में भी उतरे हैं, उनका तर्क है कि ड्यूटी के बाद पुलिसकर्मी भी आम इंसान हैं और मनोरंजन करना गलत नहीं है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
ऐसा पहली बार नहीं है जब वर्दी में रील बनाना पुलिसकर्मियों पर भारी पड़ा हो। जनवरी 2026 में लखनऊ में एक महिला सिपाही को डांस रील के चलते लाइन हाजिर किया गया था। वहीं मार्च 2026 में आगरा में दो सिपाहियों को कॉमेडी वीडियो बनाने पर निलंबित किया गया था।

आगे क्या हो सकता है?
अगर जांच में यह साबित होता है कि रील ड्यूटी के दौरान बनाई गई थी या नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो दरोगा पर निलंबन या विभागीय कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, पुलिस कमिश्नर इस मामले को उदाहरण बनाकर सभी थानों को सोशल मीडिया गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी कर सकते हैं।

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